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Thursday, September 13, 2012

नारी

प्रेरणा, प्रेयसी
नारी नारायणी
है सार संसार का ।

है माता कभी
कभी अर्धांगिनी,
कभी खिलती हुई-सी कली ।

हृदय परिपूर्ण
प्रेम, ममत्व सदा,
प्रलय की ज्वाल अंतर लिये
दुष्टों के लिये काल-कालिका है यह,
है यही राधिका कृष्ण की ।

प्रेरणा, प्रेयसी
नारी नारायणी
है सार संसार का ।