प्रेरणा, प्रेयसी
नारी नारायणी
है सार संसार का ।
कभी खिलती हुई-सी कली ।
प्रलय की ज्वाल अंतर लिये
दुष्टों के लिये काल-कालिका है यह,
है यही राधिका कृष्ण की ।
है सार संसार का ।
नारी नारायणी
है सार संसार का ।
है माता कभी
कभी अर्धांगिनी,कभी खिलती हुई-सी कली ।
हृदय परिपूर्ण
प्रेम, ममत्व सदा,प्रलय की ज्वाल अंतर लिये
दुष्टों के लिये काल-कालिका है यह,
है यही राधिका कृष्ण की ।
प्रेरणा, प्रेयसी
नारी नारायणीहै सार संसार का ।