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Thursday, June 2, 2016

माँ

तेरा नाम प्रथम इस जगती में

तेरी धड़कन का स्पंदन पहला ।

स्पर्श प्रथम तेरे तन का

तेरे आशीष का चंदन पहला ॥


       तेरे आँचल की छैया में माँ

       बचपन खेला, आया यौवन ।

       तेरी लोरी के बयनों में माँ

       फिर लौट के आया है बचपन ॥


बचपन की प्रथम किलकारी में

तेरा मधुर, मृदुल कंपन पहला ।

तुतलाती प्रथम ठिठोली में

तेरे चरणों का वंदन पहला ॥


तेरा नाम प्रथम इस जगती में

तेरी धड़कन का स्पंदन पहला ।

स्पर्श प्रथम तेरे तन का

तेरे आशीष का चंदन पहला ॥

Thursday, September 13, 2012

नारी

प्रेरणा, प्रेयसी
नारी नारायणी
है सार संसार का ।

है माता कभी
कभी अर्धांगिनी,
कभी खिलती हुई-सी कली ।

हृदय परिपूर्ण
प्रेम, ममत्व सदा,
प्रलय की ज्वाल अंतर लिये
दुष्टों के लिये काल-कालिका है यह,
है यही राधिका कृष्ण की ।

प्रेरणा, प्रेयसी
नारी नारायणी
है सार संसार का ।