बेरंग थे सपने मेरे
रंग तुमसे आये हैं,
अमावस की रात में
फिर सपने छाये हैं ।
ढलती रातों में
गालों पे ढुलकते
रंग आँसुओं के ।
पल-पल बदलती है
जो मुस्कान तेरी,
हैं छुपे उसमें
रंग मेरी वफ़ाओं के ।
बच्चे के बचपन में
भरे रंग शरारत के,
और यौवन के सपनों में
हैं रंग मुहब्बत के ।
हो बेरंग तो
है अमावस यह ज़िंदगी,
अमावस की रात को
है रंग दीपावली ।
Distinct Kashmiri Cremation
5 years ago
2 comments:
no words Ritu... "*****" to this post.. and will my life be colourful
Someone is Special
Thanks. I'm glad that you like it. :-)
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